केंद्र सरकार ने NPS कंट्रिब्यूशन को बढ़ाकर 14% किया | Major Change in NPS Contribution by Government | Govt Contribution in NPS Raised to 14% from existing 10% - Government Staff

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December 09, 2018

केंद्र सरकार ने NPS कंट्रिब्यूशन को बढ़ाकर 14% किया | Major Change in NPS Contribution by Government | Govt Contribution in NPS Raised to 14% from existing 10%

Major Change in NPS – Govt Contribution Raised to 14% For Pensioners




राष्‍ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) सरल बनाई गई

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने 6 दिसम्‍बर, 2018 को अपनी बैठक में राष्‍ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) को युक्तिसंगत या सरल बनाने के लिए निम्‍नलिखित प्रस्‍ताव को मंजूरी दी।

राष्‍ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) को लेकर सरकारी कर्मचारियों के पक्ष में लिए गए निर्णय:-
  • केन्‍द्र सरकार द्वारा एनपीएस टियर-। के दायरे में आने वाले अपने कर्मचारियों के लिए अपना अनिवार्य अंशदान मौजूदा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • केन्‍द्र सरकार के कर्मचारियों को पेंशन फंडों और निवेश के स्‍वरूप के चयन की आजादी दी गई है। 
  • वर्ष 2004-2012 के दौरान एनपीएस में अंशदान न करने या इसमें विलम्‍ब होने पर क्षतिपूर्ति की जाएगी। 
  • एनपीएस से बाहर निकलने पर मिलने वाली एकमुश्‍त निकासी राशि पर कर छूट सीमा बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है। इसके साथ ही समूची निकासी राशि अब आयकर से मुक्‍त हो जाएगी। (मौजूदा समय में वार्षिकी की खरीद के लिए इस्‍तेमाल की गई कुल संचित राशि का 40 प्रतिशत कर मुक्‍त है। सेवानिवृत्ति के समय एनपीएस के सदस्‍य द्वारा निकाली जाने वाली संचित राशि के 60 प्रतिशत में से 40 प्रतिशत कर मुक्‍त है, जबकि शेष 20 प्रतिशत राशि कर योग्‍य है।)
  • एनपीएस के टियर-।। के तहत सरकारी कर्मचारियों द्वारा किये जाने वाला अंशदान अब आयकर की दृष्टि से 1.50 लाख रुपये तक की छूट के लिए धारा 80 सी के अंतर्गत कवर होगा। यह अन्‍य योजनाओं जैसे कि सामान्‍य भविष्‍य निधि, अंशकारी भविष्‍य निधि, कर्मचारी भविष्‍य निधि और सार्वजनिक भविष्‍य निधि के सम्‍तुलय है, बशर्तें कि इसमें तीन वर्षों की लॉक-इन अवधि हो।
इस निर्णय के लागू होने से कर्मचारियो को क्या फायदे होंगे ?
  • एनपीएस के दायरे में आने वाले केन्‍द्र सरकार के सभी कर्मचारियों की अंतिम संचित राशि में वृद्धि होगी। 
  • कर्मचारियों पर कोई अतिरिक्‍त बोझ पड़े बगैर ही सेवानिवृत्ति के बाद उन्‍हें मिलने वाली पेंशन राशि बढ़ जायेगी। 
  • केन्‍द्र सरकार के कर्मचारियों को पेंशन फंडों और निवेश के स्‍वरूप या रूपरेखा के चयन में आजादी मिलेगी। 
  • एनपीएस के दायरे में आने वाले केन्‍द्र सरकार के लगभग 18 लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे। 
  • जीवन प्रत्‍याशा बढ़ने की स्थिति में वृद्धावस्‍था सुरक्षा बढ़ जायेगी। 
  • एनपीएस को और ज्‍यादा आकर्षक बनाने से सरकार को सर्वोत्‍तम प्रतिभाओं को आकर्षि‍त करने एवं उन्‍हें सेवा में बनाये रखने में आसानी होगी।
पृष्‍ठभूमि
  • 1 जनवरी, 2004 को अथवा उसके बाद केन्‍द्र सरकार की सेवा से जुड़ने वाले नये कर्मचारियों को राष्‍ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत कवर किया जाता है। 7वें वेतन आयोग ने वर्ष 2015 में अपने विचार विमर्श के दौरान एनपीएस से जुड़ी विशिष्‍ट चिंताओं पर गौर किया और सिफारिशें पेश कीं। 7वें वेतन आयोग ने इस संबंध में सचिवों की एक समिति गठित करने की सिफारिश की। तदनुसार, सरकार द्वारा वर्ष 2016 में सचिवों की एक समिति गठित की गई जिसे एनपीएस के कार्यान्‍वयन को युक्तिसंगत अथवा सरल बनाने के लिए विभिन्‍न उपाय सुझाने की जिम्‍मेदारी सौंपी गई। समिति ने वर्ष 2018 में अपनी रिपोर्ट पेश की। तदनुसार, समि‍ति की सिफारिशों के आधार पर मसौदा कैबिनेट नोट को मंजूरी के लिए कैबिनेट के विचारार्थ पेश किया गया।
कार्यान्‍वयन रणनीति और लक्ष्‍य
  • अन्‍य संबंधित मंत्रालयों / विभागों से सलाह-मशविरा करने के बाद महत्‍वपूर्ण निर्णय लिये जाने के पश्‍चात एनपीएस में प्रस्‍तावित बदलावों को तत्‍काल लागू कर दिया जायेगा।
इस निर्णय से भारत के खजाने पर कितना खर्च बढ़ेगा ?
  • इस वजह से वित्‍त वर्ष 2019-20 के दौरान राजकोष पर लगभग 2840 करोड़ रुपये का भार पड़ने का अनुमान है और यह एक आवर्ती व्यय के रूप में होगा। वर्ष 2004-2012 के दौरान एनपीएस में अंशदान न करने या इसमें विलम्‍ब होने पर क्षतिपूर्ति किये जाने के प्रावधान के कारण जो वित्‍तीय भार पड़ेगा वह इस राशि के अतिरिक्‍त होगा।
NPS के इस निर्णय से लाभार्थियों की संख्‍या
  • राष्‍ट्रीय पेंशन प्रणाली को युक्तिसंगत बनाने से एनपीएस के दायरे में आने वाले केन्‍द्र सरकार के लगभग 18 लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
दायरे में आने वाले राज्‍य/जिले
  • समस्‍त भारत
पुरानी पेंशन योजना OPS का भविष्य क्या है ???
  • भारत सरकार ने 6 दिसम्बर 2018 को केबिनेट में  लिए गए निर्णय में बताया है की NPS में सरकर द्वारा किया जाने वाले कंट्रिब्यूशन को बढ़ाकर 14 % कर दिया है । 
  • केंद्र सरकार का यह निर्णय दिल्ली सरकार द्वारा पारित उस अध्यादेश के तुरंत बाद आया है जिसमे NPS को हटाकर पुरानी पेंशन व्यवस्था को  फिर से लागू करने का प्रावधान है। 
  • इससे ये तो तय हो गया की केंद्र सरकार , दिल्ली विधानसभा द्वारा पारित  NPS को हटाकर पुरानी पेंशन व्यवस्था को  फिर से लागू करने के स्ताव के खिलाफ है। 
  • इससे केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए  NPS को हटाकर पुनः पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने सपना धूमिल होता नजर आ रहा है। 
  • केंद्र  सरकार ने 6 दिसम्बर 2018 को केबिनेट में  लिए गए निर्णय में बताया है की वर्तमान में  NPS में सरकर द्वारा किया जाने वाला कंट्रिब्यूशन 10% है और अब इसको बढ़ाकर 14 % कर दिया है । 
  •   पुरानी पेंशन व्यवस्था को हटाकर 01 जनवरी 2004 से तत्कालीन NDA सरकार ने नयी पेंशन योजना लागू की थी जिसे NPS (National Pension Scheme) कहा गया । 


केंद्र सरकार के इस निर्णय का अँग्रेजी वर्जन (English version) नीचे दिया गया है-

Ministry of Finance
Streamlining of National Pension System (NPS)

Decision

The Union Cabinet in its Meeting on 6th December, 2018 has approved the following proposal for streamlining the National Pension System (NPS).

  • Enhancement of the mandatory contribution by the Central Government for its employees covered under NPS Tier-I from the existing 10% to 14%.
  • Providing freedom of choice for selection of Pension Funds and pattern of investment to central government employees.
  • Payment of compensation for non-deposit or delayed deposit of NPS contributions during 2004-2012. 
  • Tax exemption limit for lump sum withdrawal on exit has been enhanced to 60%. With this, the entire withdrawal will now be exempt from income tax. (At present, 40% of the total accumulated corpus utilized for purchase of annuity is already tax exempted. Out of 60% of the accumulated corpus withdrawn by the NPS subscriber at the time of retirement, 40% is tax exempt and balance 20% is taxable.) 
  • Contribution by the Government employees under Tier-II of NPS will now be covered under Section 80 C for deduction up to Rs. 1.50 lakh for the purpose of income tax at par with the other schemes such as General Provident Fund, Contributory Provident Fund, Employees Provident Fund and Public Provident Fund provided that there is a lock-in period of 3 years. 

Major impact

  • Increase in the eventual accumulated corpus of all central government employees covered under NPS. 
  • Greater pension payouts after retirement without any additional burden on the employee. 
  • Freedom of choice for selection of Pension Funds and investment pattern to central government employees. 
  • Benefit to approximately 18 lakh central government employees covered under NPS. 
  • Augmenting old-age security in a time of rising life expectancy. 
  • By making NPS more attractive, government will be facilitated in attracting and retaining the best talent. 
Background

  • The new entrants to the central government service on or after 01.01.2004 are covered under the National Pension System (NPS). The Seventh Pay Commission (7th CPC), during its deliberations, examined certain concerns regarding NPS and made recommendations in the year 2015. The 7th CPC recommended for setting up of a Committee of Secretaries in this regard. Accordingly, a Committee of Secretaries was constituted by the Government to suggest measures for streamlining the implementation of NPS in the year 2016. The Committee submitted its report in the year 2018. Accordingly, based on the recommendations of the Committee, draft Cabinet Note was placed before the Cabinet for its approval.
Implementation strategy and targets
  • The proposed changes to NPS would be made applicable immediately once time critical decisions are taken in consultation with the other concerned Ministries / Departments.
Expenditure involved

  • The impact on the exchequer on this account is estimated to be to the tune of around Rs. 2840 crores for the financial year 2019-20, and will be in the nature of a recurring expenditure. The financial implications on account of provisions regarding payment of compensation for non-deposit or delayed deposit of NPS contributions during 2004-2012, would be in addition to the amount indicated above.
No. of beneficiaries:
  • Approximately 18 lakh central government employees covered under NPS would be benefitted from the streamlining of the National Pension System.
States/districts covered
  • Pan India.

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