केंद्रीय एवं राज्य कर्मियों के लिए खुशखबरी, महंगाई भत्ते में तीन फीसदी की बढ़ोतरी - Government Staff

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August 01, 2021

केंद्रीय एवं राज्य कर्मियों के लिए खुशखबरी, महंगाई भत्ते में तीन फीसदी की बढ़ोतरी

केंद्रीय एवं राज्य कर्मियों के लिए खुशखबरी, महंगाई भत्ते में तीन फीसदी की बढ़ोतरी 

सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर है। सरकार ने महंगाई भत्ते में तीन फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी है। तीन फीसदी बढ़ोतरी के बाद 31 प्रतिशत डीए हो जाएगा .
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक खुशखबरी है. अब जल्द ही कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने वाली है. जी हां, अब सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में एक बार फिर इजाफा होने वाला है. इस महंगाई भत्ते के लागू होने के बाद से कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी हो जाएगी. वैसे हाल ही में जुलाई से महंगाई भत्ते को बढ़ाया गया था, जिसके बाद से मंहगाई भत्ता 28 फीसदी तक हो गया है.

ऐसे में जानते हैं कि अब महंगाई भत्ते में कितना इजाफा हो सकता है और मंहगाई भत्ते में कितना इजाफा संभव है. साथ ही जानते हैं कि डीए में हुई बढ़ोतरी से सैलरी पर क्या असर पड़ेगा और डीए को लेकर अभी क्या स्थिति है.


 

कितना हो सकता है इजाफा?

बताया जा रहा है कि अब 3 फीसदी महंगाई भत्ता और बढ़ेगा. कई रिपोर्ट्स में इसे कंफर्म माना जा रहा है और साल के अंत तक महंगाई भत्ते में 3 फीसदी का इजाफा होगा. 3 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद महंगाई भत्ता 31 फीसदी तक पहुंच जाएगा, जो अभी 28 फीसदी तक है. बता दें कि जुलाई से 28 फीसदी DA मिलना है और सितंबर की सैलरी के साथ भुगतान होना है, जिससे करीब 1 करोड़ कर्मचारी और पेंशन धारकों को फायदा मिलेगा. पहले यह 17 फीसदी था.

दरअसल, डियरनेस अलाउंस कर्मचारियों के रहने-खाने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए दिया जाता है. यह भत्ता सरकारी कर्मचारियों, पेंशनधारकों और पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों को दिया जाता है. महंगाई भत्ता इसलिए दिया जाता है कि महंगाई बढ़ने के बाद भी कर्मचारियों को अपना जीवन-यापन करने में कोई परेशानी न हो. आमतौर पर हर 6 महीने, जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते में बदलाव किया जाता है.

किस आधार पर तय होता है डीए

महंगाई भत्ता (Dearness allowance) कर्मचारियों के वेतन के आधार पर दिया जाता है. शहरी, अर्ध शहरी और ग्रामीण इलाकों में नौकरी करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता अलग-अलग होता है. डियरनेस अलाउंस की गणना मूल सैलरी पर होती है. महंगाई भत्ते की गणना के लिए एक फार्मूला तय किया गया है, जोकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से तय होता है.



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